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नई दिल्ली, 17 दिसंबर, 2021: इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) और इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) ने शैवाल की बड़े पैमाने पर खेती और मूल्य वर्धित उत्पादों के निष्कर्षण के लिए प्रौद्योगिकी के संयुक्त विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रो. पद्म वी. देवराजन, डीन, अनुसंधान एवं अन्‍वेषण, आईसीटी और श्री सुरेश चंद्र गुप्ता, मुख्‍य महाप्रबंधक और प्रमुख, अनुसंधान एवं विकास प्रभाग, ईआईएल ने 16 दिसंबर, 2021 को प्रो. अनिरुद्ध बी पंडित, उप कुलपति, आईसीटी और सुश्री वर्तिका शुक्ला, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, ईआईएल की उपस्थिति में एमओए पर हस्ताक्षर किए।
एमओए के तहत, ईआईएल और आईसीटी संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर खेती और प्रयोगशाला स्तर के अध्ययन से मूल्य वर्धित उत्पादों के निष्कर्षण के लिए शैवाल युक्‍त प्रौद्योगिकी विकसित करेंगे। यह समझौता ज्ञापन न केवल ईआईएल और आईसीटी के प्रौद्योगिकी पोर्टफोलियो को समृद्ध करेगा, बल्कि सरकार के जैव ईंधन पहल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को भी बल देगा ।
मूल्य वर्धित रसायनों जैसे कि एंटीऑक्सिडेंट और शैवाल से रंगद्रव्‍य के अच्‍छे भविष्योन्‍मुख अवसर और न्यूट्रास्युटिकल, सौंदर्य प्रसाधन, दवा उद्योग आदि में प्राकृतिक योजक के रूप में वाणिज्यिक महत्‍व रखते हैं। इन जैव-आधारित मूल्य वर्धित रसायनों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के रूप में, आईसीटी दीर्घकालिक प्रौद्योगिकियों के बुनियादी और अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विकास में लगा हुआ है और प्रयोगशाला पैमाने पर विकास मानकों को स्थापित करने सहित शैवाल अनुसंधान में एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। यह पूरी तरह से अग्रणी इंजीनियरिंग परामर्शी कंपनी ईआईएल की क्षमता से संपूरित है, इन प्रौद्योगिकियों को औद्योगिक पैमाने पर स्थापित करने में ईआईएल के डिजाइन और इंजीनियरिंग में व्‍यापक अनुभव और क्षमताओं का लाभ उठाया जा सकता है । दोनों संगठन संयुक्त रूप से इसके डिजाइन पैकेज सहित प्रौद्योगिकी का विकास करेंगे और प्रौद्योगिकी को व्यावसायीकरण के लिए तैयार करेंगे ।

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